Tamas
Published
1974
Pages
275
Language
Hindi
ISBN
9780140259322
About this book
A harrowing account of communal riots during the Partition of India in 1947.
Should I Read This?
AI-powered reading recommendation
AI Verdict
तमास भारत के विभाजन की भयावह सच्चाई को दर्शाती एक मार्मिक और शक्तिशाली कृति है। यह उन पाठकों के लिए अनिवार्य है जो इतिहास की गहराइयों को समझना चाहते हैं और मानवीय त्रासदी पर विचार करना चाहते हैं, विशेषकर हिंदी साहित्य प्रेमियों और इतिहास के छात्रों के लिए। हल्के मनोरंजन की तलाश करने वाले या संवेदनशील विषयों से बचने वाले पाठक इसे छोड़ सकते हैं।
AI Summary
Powered by AI
भीष्म साहनी का 'तमस' 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों का एक मार्मिक और यथार्थवादी चित्रण है। यह उपन्यास पंजाब के एक छोटे से शहर में घटित घटनाओं के माध्यम से मानवीय क्रूरता, भय और अविश्वास के माहौल को दर्शाता है। यह दिखाता है कि कैसे राजनीतिक स्वार्थ और अफवाहें आम लोगों को एक-दूसरे का दुश्मन बना देती हैं, जिससे समाज में हिंसा और त्रासदी फैलती है। 'तमस' विभाजन की विभीषिका और उसके मानवीय परिणामों पर एक शक्तिशाली टिप्पणी है।
Enjoyed this summary?
Support the author — get the full book

